Wednesday, 1 January 2014

कन्टेम्पररी पोएम्स ​

स्त्री-मुक्ति 
इक  ज़रूरी काम हैं 
सत्य मेव जयते 
अमीबा से ह्यूमन तक 
गणतंत्र नहीं गुणतंत्र 
सवरते  सवरते ​सवर जिन्दगी 
ऐसे चला जा वैसे चला जा 

लव पोएम्स 

तू साथ हैं 
​समर्पन 
दिल में तुम्हे रक्खा हैं 
जाने  तू और ​जानु मैं 
​नशा हैं तुम्हारा 
अनमोल आबरू 
अंजान अगन हैं तू 
​वह मन की रानी 
ओ घघरी 
​शब्दों से अब बात न बनती 
​तू ही तू अजीज हैं 

​मोटिवेशनल पोएम्स 


धुन सवार ले 
​जीवन के रस्ते बारात मेरी 
गर साज छेडो तराना जीवन हैं 
​चल चला चल लगा जोर 

​स्पिरिचुअल पोएम्स ​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​

प्रेम 
​होश ए आज़ादी 
​बेअसर 
​अर्पित 
आँखपन दे मुज़को 
​खुदाया मैं तेरा हों ना सका 
 इक इन्सा की खोज में 
​अहेसास हो थोडासा 
​सबुरी दै दे 
​गीतकार हुँ मैं 
​सूरज को कैद करें 
ख़ुदा मांग ले 
तू ही खयाल कर 
​आना जाना ऐसा समां

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